डॉ. अभय प्रताप यादव की अध्यक्षता में आजमगढ़ में एंटीबायोटिक दवाओं के सही इस्तेमाल को लेकर रैली, 1015 छात्र हुए शामिल

डॉ. अभय प्रताप यादव की अध्यक्षता में आजमगढ़ में निकली AMR जागरूकता रैली, 1015 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा



एंटीबायोटिक दवाओं के गलत इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए आजमगढ़ में 3 नवम्बर को विशाल जन-जागरूकता रैली निकाली गई। डॉ. अभय प्रताप यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस रैली में जिले के विभिन्न फार्मेसी कॉलेजों के करीब 1015 छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

इस अभियान का नाम “AZAMGARH UNITES AGAINST AMR 2026” रखा गया। इसकी थीम थी—“स्वस्थ भारत: एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस से मुकाबला”।

रैली सुबह 9 बजे डीएवी डिग्री कॉलेज परिसर से शुरू हुई। इसके बाद विद्यार्थी शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस डीएवी कॉलेज पहुँचे, जहाँ रैली का समापन हुआ।

सफेद कोट में विद्यार्थियों ने दिया जागरूकता का संदेश

इस रैली में आर.के. फार्मेसी कॉलेज, आजमगढ़ फार्मेसी कॉलेज, राहुल सांकृत्यायन कॉलेज ऑफ फार्मेसी, पी.पी.एस. फार्मेसी कॉलेज, क्रॉस बेली इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, क्रॉस बेली कॉलेज ऑफ फार्मेसी सहित जिले के अन्य फार्मेसी कॉलेजों के विद्यार्थी शामिल हुए।

सफेद लैब कोट पहने विद्यार्थियों के हाथों में जागरूकता से जुड़े पोस्टर और बैनर थे। वे नारों के माध्यम से लोगों को समझा रहे थे कि बिना जरूरत और बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

एंटीबायोटिक का गलत इस्तेमाल बन सकती है बड़ी समस्या

कार्यक्रम में लोगों को AMR के बारे में भी जानकारी दी गई। AMR का मतलब है कि बैक्टीरिया पर एंटीबायोटिक दवाओं का असर कम होने लगता है। ऐसा दवाओं के गलत और अनावश्यक इस्तेमाल के कारण हो सकता है।

इसका नतीजा यह हो सकता है कि भविष्य में सामान्य संक्रमण का इलाज करना भी मुश्किल हो जाए। इसलिए एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल सही तरीके से करना बेहद जरूरी है।

आयोजकों ने कहा कि “फार्मासिस्ट केवल दवा विक्रेता नहीं, बल्कि दवाओं का विशेषज्ञ एवं जनस्वास्थ्य का प्रहरी है।”

सभी फार्मेसी कॉलेजों ने मिलकर निभाई जिम्मेदारी

इस रैली की सबसे बड़ी खासियत जिले के अलग-अलग फार्मेसी कॉलेजों की एकजुटता रही। सभी संस्थानों ने मिलकर समाज को जागरूक करने का संदेश दिया।

इस मौके पर यह भी कहा गया कि संस्थान भले ही अलग-अलग हों, लेकिन फार्मेसी का पेशा, पहचान और समाज के प्रति जिम्मेदारी सभी की एक है।

कार्यक्रम की सफलता में सहभागी कॉलेजों के प्रबंधन, निदेशकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और जिला प्रशासन का सराहनीय सहयोग रहा।

रैली के माध्यम से सभी ने एक साथ संदेश दिया—

“एक जिला • एक मिशन • एक आवाज — AMR के खिलाफ!”

“दवाओं का असर बचाएँ, आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित बनाएँ!”

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जनहित में सलाह : एंटीबायोटिक दवाएँ डॉक्टर की सलाह से ही लें। अपनी मर्जी से दवा शुरू न करें और निर्धारित इलाज में बदलाव करने से पहले डॉक्टर से बात करें।

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