त्रिपुरा में BSF जवानों पर हमला: आत्मरक्षा में गोली चलाने का अधिकार है या नहीं? 9 आरोपी गिरफ्तार
त्रिपुरा में BSF जवानों पर हमला: आत्मरक्षा में गोली चलाने का अधिकार है या नहीं? 9 आरोपी गिरफ्तार देश की सीमा की रक्षा करने वाले जवानों पर हमला होने लगे, तो सवाल उठना लाजिमी है—क्या हमारे जवानों के हाथ कानून ने बाँध रखे हैं? त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले के बॉक्सानगर क्षेत्र में 2 नवंबर 2026 को BSF जवानों और स्थानीय लोगों के बीच हिंसक झड़प हुई। रिपोर्टों के अनुसार, 49वीं बटालियन के जवान संदिग्ध तस्करी की गतिविधि रोकने की कार्रवाई कर रहे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ा और भीड़ ने जवानों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में चार BSF कर्मियों के घायल होने की खबर है, जिनमें तीन की चोटें गंभीर बताई गईं। भीड़ द्वारा जवानों का हथियार छीनने की कोशिश और सरकारी वाहन को नुकसान पहुँचाने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में नौ आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। क्या जवानों को आत्मरक्षा में गोली चलाने का अधिकार है? इसका जवाब है— हाँ, कानून जवानों को भी आत्मरक्षा का अधिकार देता है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 35 शरीर की रक्षा का अधिकार देती है। धारा 38 के तहत यदि हमले से मृत्यु...